उत्तराखंड

ताकत के दम पर प्रशासन ने खुलवाया अंग्रेजी शराब का ठेका, लोगों में गुस्सा

ऋषि टाइम्स न्यूज

मुनिकीरेती। एक युवक की हत्या के बाद खारास्रोत स्थित अंग्रेजी शराब के ठेके को बंद कराने की मांग को लेकर अनशन/धरना कर रहे लोगों को पुलिस/प्रशासन ने मौके से दूर हटाकर ठेके को खुलवा दिया है। इस दौरान पुलिस और आंदोलनरत लोगों के बीच खूब तीखी झड़पें हुई।

उल्लेखनीय है कि शराब के ठेके के पास गत दिन अजेंद्र कंडारी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। स्थानीय लोग इस अपराध के लिए शराब के ठेके को जिम्मेदार मान रहे हैं। इसके विरोध में आंदोलनरत लोगों ने बुधवार को ठेके पर ताले जड़ दिए थे।

गुरूवार को आबकारी विभाग के अधिकारी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और अनशन पर बैठे तीन लोगों को बल पूर्वक मौके से हटा दिया। इस दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। लोगों ने मुनिकीरेती पुलिस, जिला प्रशासन और आबकारी विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।

सूचना पर मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने पुलिस/प्रशासन को खूब खरी खोटी सुनाई। कहा कि पुलिस लोगों को उग्र आंदोलन के लिए उकसा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस लोगों को मुकदमा कर जनहित के मुददों को उठाने से रोकने का प्रयास कर रही है। ये किसके इशारे पर हो रहा है इसे अब लोग अच्छे से जान चुके हैं।

इस दौरान आबकारी विभाग के अधिकारियों से लोगों ने तीखी सवाल किए। कहा कि ठेका वन भूमि पर बना है। तीर्थ क्षेत्र में शराब की बिक्री और उपयोग पर रोक के बावजूद सरकार तीर्थ की पवित्रता को भंग कर रही है। आबकारी अधिकारी के तर्कों को लोगों ने सिरे से नकार दिया। कहा कि उनके पास प्रमाणिक अभिलेख हैं। समय आने पर इन्हें प्रस्तुत किया जाएगा।

इस दौरान लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। कहा कि पुलिस कुछ नेताओं के दबाव में काम कर रही है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। बहरहाल, ताकत से शराब की दुकान खुलवाने में सफल रहे प्रशासन के खिलाफ लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है। खासकर मुनिकीरेती पुलिस के रवैए की लोग कड़ी निंदा कर रहे हैं। इस मौके पर अनिता कोटियाल, संजय सिल्सवाल, संदीप भंडारी, सरदार सिंह पुंडीर, दिनेश चंद्र मास्टर जी आदि मौजूद रहे।

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