आंदोलकारियों ने शराब के ठेके पर लगाए कई गंभीर आरोप
ऋषि टाइम्स न्यूज
मुनिकीरेती। जिस शराब की दुकान की सलामती के लिए प्रशासन और आबाकरी विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी उसको लेकर आंदोलनकारियों ने कई सवाल उठाए।
खरास्रोत स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान को बंद करने की मांग को लेकर अनशन/ क्रमिक अनशन और धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। इसमें लोगों की भागीदारी बढ़ने लगी है। शराब के ठेके का विरोध कर रहे लोगों ने आज भी पुलिस प्रशासन के माध्यम से राज्य की भाजपा सरकार को जमकर कोसा।
नरेंद्रनगर के पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत, हिमांशु बिजल्वाण, सरदार सिंह पुंडीर आदि के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने आज भी शराब के ठेके के शटर गिरा दिए। पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बमुश्किल फिर से दुकान को खुलवाया। इस दौरान आरोप लगाए गए कि प्रशासन शराब के अनुज्ञापी का हर स्तर पर फेवर कर रहा है। कहा कि राजस्व विभाग ने अनुज्ञापी को 100 वर्ग गज भूमि आवंटित की है। जबकि ठेका इससे कई अधिक भूमि पर बना है।
यही नहीं सवाल उठाया कि प्रशासन बताए कि आखिर आरक्षित वन क्षेत्र में शराब के ठेके के लिए कैसे राजस्व विभाग की भूमि हो गई। आंदोलनकारियों के दबाव के बाद मौके पर भूमि को मापा गया। बताया गया कि वास्तव मंे आवंटित से अधिक भूमि का उपयोग हो रहा है।
इस, बीच धरना स्थल पर आंदोलनकारियों ने राज्य की भाजपा सरकार को जमकर कोसा। कहा कि शराब बिकवाने के लिए सरकार पुलिस फोर्स लगवा रही है। अच्छा होता की पुलिस का उपयोग अपराध नियंत्रण में किया जाता है। आरोप लगाया कि जब लोगों की हत्याएं होती हैं तो पुलिस आस-पास भी नहीं होती। शराब की दुकान अच्छे से चले इसके लिए पुलिस कई दिनों से रात दिन एक किए हुए है।
इस दौरान लोगों ने स्पष्ट किया कि आवंटित भूमि से अधिक भूमि पर पसरे ठेके को तत्काल अतिरिक्त भूमि से नहीं हटाया गया तो ये काम भी लोग अपने हाथों से करने को मजबूर होंगे।
इस मौके पर अनशनकारी विकास रयाल, दिनेश चंद्र मास्टर जी, क्रमिक अनशनकारी युद्धवीर सिंह चौहान, श्रीमती रामेश्वरी देवी, सरदार सिंह पुंडीर, रतन सिंह, मेहर सिंह चौहान अमित रियाल पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत, हिमांशु बिजल्वाण, जिला पंचायत सदस्य उत्तम असवाल, पुष्पा रावत, लुशून टोडरिया, जितेंद्र बिष्ट, विजय पंवार, प्रमिला बिजल्वाण, जयकृष्ण धस्माना, सुनील भटट, सुनील पंचभैया, महावीर गुसाईं आदि मौजूद रहे।

