उत्तराखंड

वन्यजीव संरक्षण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकताः सुबोध उनियाल

ऋषि टाइम्स न्यूज

रामनगर। वन एवं वन्यजीव उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधत की पहचान है। वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

ये कहना है राज्य के वन मंत्री सुबोध उनियाल का। उनियाल गुरूवार को ढेला रेस्क्यू सेंटर एवं वन्य जीव/पशु चिकित्सालय का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध उपचार सुविधाओं, पुनर्वास व्यवस्थाओं तथा वन्यजीव संरक्षण के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपचाराधीन घायल एवं बीमार वन्यजीवों की स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा चिकित्सकीय सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, उपकरणों की उपलब्धता एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए रेस्क्यू एवं पुनर्वास प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि स्वस्थ होने के पश्चात वन्यजीवों को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में शीघ्र पुनर्स्थापित किया जा सके।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन एवं वन्यजीव उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता की पहचान हैं। राज्य सरकार संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस दिशा में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

इससे पूर्व वन मंत्री उनियाल ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के धनगढ़ी गेट पर नव स्थापित सौविनियर सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने आगामी ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए वनाग्नि सुरक्षा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा भी की।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री उनियाल ने कार्बेट टाइगर रिजर्व की सेवा में अपने प्राणों का सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों का त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा प्रदेश के लिए प्रेरणादायी है तथा उनका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण, इको टूरिज्म के संवर्धन तथा स्थानीय रोजगार सृजन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सौविनियर सेंटर के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहायता मिलेगी।

मंत्री उनियाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाग्नि की रोकथाम हेतु सतर्कता बढ़ाई जाए, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाए तथा जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वन, वन्यजीव और पर्यावरण की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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