ऋषिकेश

टीएचडीसी में ऊर्जा संरक्षण पर राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में ऋतुराज और सताक्षी रहे प्रथम

ऋषि टाइम्स न्यूज
ऋषिकेश। विद्युत उत्पादन क्षेत्र की प्रतिष्ठित कम्पनी, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के बैनर तले ऊर्जा संरक्षण पर आयोजित राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में आचार्यकुल हरिद्वार के ऋतुराज कश्यप और सताक्षी वत्स ने अपने-अपने समूह में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उक्त दोनों अब राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।

बुधवार को ऋषिकेश स्थित कॉर्पाेरेट कार्यालय में उत्तराखंड राज्य हेतु ऊर्जा संरक्षण पर राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । यह कार्यक्रम भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) के तत्वावधान में आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में 242 स्कूलों के 190241 छात्र/छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

समूह क कक्षा पांच-सातवीं तक और समूह ख आठवीं से 10 वीं तक के छात्र/छात्राओं ने प्रतिभाग किया। समूह क में आचर्य कुलम हरिद्वार के ऋतुराज कश्यप ने प्रथम, इसी स्कूल की पिहू रानी ने द्वितीय और डीपीएस हरिद्वार के रिद्धिम दास ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समूह ख में आचार्य कुलम की सताक्षी वत्स ने प्रथम, कोमल रानी ने द्वितीय और डीपीएस हरिद्वार की इशिता कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इस मौके पर टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सिपन कुमार गर्ग ने बदलते वैश्विक जलवायु परिदृश्य में ऊर्जा संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रचनात्मक मंचों के माध्यम से बच्चों में जागरूकता विकसितकरना भविष्य के उत्तरदायी नागरिकों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि इस वर्ष के विषय, ;एक ग्रह, एक अवसर – ऊर्जा बचाएं; और -ऊर्जा संरक्षण मेरी जिम्मेदारी, हमारा भविष्य नेछात्रों को अपनी कल्पनाशील चित्रकलाओं के माध्यम से सतत विकास का संदेश व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने उनकी रचनात्मकता, जागरूकता तथा ऊर्जा संरक्षण की विचारशील अभिव्यक्ति की प्रशंसा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के मुख्य तकनीकी अधिकारी एलपी. जोशी ने प्रतिभागियों को बधाई दी और कहा किउत्तराखंड के छात्रों द्वारा दिखाया गया उत्साह ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाता है। डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मा. सं. एवं प्रशा. व जनसंपर्क) ने अपनेस्वागत संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि इस तरह की पहल न सिर्फ़ क्रिएटिविटी को बढ़ावा देती हैं, बल्कि ऊर्जा संरक्षण के प्रति ज़िम्मेदारी के बारे में विद्यार्थियों की समझ को भी गहरा करती हैं। एल. पी. जोशी, मुख्य तकनीकी अधिकारी एवं डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मा. सं. एवं प्रशा. व जनसंपर्क) ने समूह ‘क’ (कक्षा 5-7) और समूह  ख’ (कक्षा 8-10) दोनों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार विजेताओं को क्रमशः 50,000/-, 30,000/- और 20,000/- रुपये के पुरस्कार प्रदान किए।

इसके अतिरिक्त, 7,500/- रुपये के 10 सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले छह प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्तर पर नई दिल्ली में आयोजित होने वाले फाइनल में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करनेका अवसर अर्जित किया है। ए. के. विश्वकर्मा, नोडल अधिकारी (उत्तराखंड) एवं उप महाप्रबंधक (मा. सं.), टीएचडीसी ने बताया कि इस वर्ष उत्तराखंड के 242 स्कूलों से 1,90,241 छात्रों ने इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया, जो पिछले वर्ष के 1,80,611 छात्रों की भागीदारी से अधिक है, और दोनों समूहों के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्र अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करेंगे।

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