धूमधाम से मनाया गया टीएचडीसीआईएल का 38 वां स्थापना दिवस
ऋषि टाइम्स न्यूज
ऋषिकेश। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड का 38 वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर राष्ट्र निर्माण और ऊर्जा उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का संकल्प दोहराया गया।
विद्युत क्षेत्र में देश का अग्रणी सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) ने शनिवार को ऋषिकेश स्थित कॉर्पाेरेट कार्यालय परिसर में सभी परियोजनाओं और इकाई कार्यालयों में बड़े उत्साह और गौरव के साथ अपना 38वां स्थापना दिवस मनाया।
स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर. के. विश्नोई द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके उपरांत सीएमडी विश्नोई ने निदेशक (कार्मिक) शैलेन्द्र सिंह,, निदेशक (तकनीकी) भूपेंद्र गुप्ता,एवं , निदेशक(वित्त) सिपन कुमार गर्ग ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन किया। स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ किया।
इस मौके पर सीएमडी विश्नोई ने टीएचडीसीआईएल 38 वर्षों की परिवर्तनकारी यात्रा पर प्रकाश डाला और हाल ही में उत्तराखंड के टिहरी में 1000 मेगावाट के वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) की पहली और दूसरी यूनिटों(प्रत्येक 250 मेगावाट) के कमीशन होने की सराहना की, जिसमें भारत की पहली वेरिएबल स्पीड टरबाइन है एवं किसी भी सीपीएसई द्वारा अपनी तरह का सबसे बड़ा पीएसपी है। ये उपलब्धियां भारत के विद्युत क्षेत्र में ग्रिड लचीलेपन, नवीकरणीय एकीकरण और ऊर्जा स्थिरता की दिशा में एक बडे कदम का प्रतीक है।
सीएमडी विश्नोई ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में 1320 मेगावाट की खुर्जा सुपर थर्मल पावर परियोजना की यूनिट-1 (660 मेगावाट) के कमीशन होने पर भी प्रकाश डाला। कहा कि यह उपलब्धि टीएचडीसीआईएल के ताप विद्युत क्षेत्र में रणनीतिक विस्तार, इसके ऊर्जा पोर्टफोलियो में और विविधता लाने और देश की बढ़ती विद्युत मांगों को पूरा करने की इसकी प्रतिबद्धता को पुष्ट करती है।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्थापना दिवस न केवल अपनी विरासत का उत्सव है, बल्कि यह भारत की नेट-ज़ीरो प्रतिबद्धताओं, ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों और राष्ट्र निर्माण की आकांक्षाओं के अनुरूप एक अग्रणी ऊर्जा संगठन बनने के टीएचडीसीआईएल के रणनीतिक दृष्टिकोण की पुष्टि करने का भी अवसर है।
कहा कि यह स्थापना दिवस न केवल उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि टीएचडीसीआईएल के समर्पण, एकता और राष्ट्र विकास की भावना का भी प्रतिबिंब है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि टीएचडीसीआईएल की प्रत्येक उपलब्धि के पीछे प्रेरक मानव शक्ति है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि किसी भी संगठन की सफलता उसके शीर्ष प्रबंधन की दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता में निहित होती है, और इस संदर्भ में टीएचडीसीआईएल के निदेशक मंडल की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। श्री विश्नोई ने यह स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि हाल ही में संगठन द्वारा प्राप्त असाधारण उपलब्धियों के पीछे सभी निदेशकों का योगदान उल्लेखनीय रहा है।
उन्होंने निदेशक (कार्मिक), निदेशक (तकनीकी) तथा निदेशक (वित्त) के समर्पित प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की, जिनके कुशल नेतृत्व और रणनीतिक मार्गदर्शन से टीएचडीसीआईएल की निरंतर प्रगति और रूपांतरण संभव हो सका है।
इस मौके पर उत्कृष्ट प्रदर्शन, शैक्षणिक प्रदर्शन एवं आयोजित प्रतियोगिताओं के लिए विभिन्न पुरस्कारों के माध्यम से कर्मचारियों और उनके परिवारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के 38वें स्थापना दिवस समारोह पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डी.वी. सिंह ने भी प्रतिभाग किया। उन्हें भी इस मौके पर सम्मानित किया गया। सिंह ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि टीएचडीसी की प्रगति उन्हें उत्साहित करती है।
पुरस्कार प्रदान किया गया, जो उनके दूरदर्शी नेतृत्व और संगठन के विकास के प्रति आजीवन नीरज वर्मा, कार्यपालक निदेशक (प्रभारी), ए.के. घिल्डियाल, कार्यपालक निदेशक (एपीपी); अजय वर्मा, मुख्य महाप्रबंधक (वीपीएचईपी), अजय कुमार गर्ग, मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) एवं डॉ. ए.एन. त्रिपाठी, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन-प्रशासन एवं कॉर्पाेरेट संचार) को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया।
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा 38वें स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन और समर्पण के लिए विशिष्ट कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यपालक श्रेणी में अशुतोष कुमार आनंद, उप महाप्रबंधक, सम्राट मुखर्जी, राकेशबंसल, मयंक बाजपेयी, सुश्री नयन रतूडी, प्रबंधक, बलवंत सिंह एवं प्रकाश कुमार साहू, उप प्रबंधक, तथा मयंक चौहान,सहायक प्रबंधक को उनके विशिष्ट योगदान के लिए श्रेष्ठ कर्मचारी सम्मान प्रदान किया गया। पर्यवेक्षक श्रेणी में त्रिवेणी सिंह घनाता, कनिष्ठ कार्यपालक एवंयोगेश चंद्र जोशी, कनिष्ठ अभियंता को उनके समर्पित कार्य और सराहनीय प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया तथा कामगार श्रेणी में सुदर्शन बिस्वाल, उप अधिकारी, रोहितास सिंह, हेल्पर एवं दीपक शाह, सहायक को उनके निरंतर परिश्रम, लगन और प्रतिबद्धता के लिए श्रेष्ठ कर्मचारी सम्मान से नवाज़ा गया।

