सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश में डीएम ने पकड़ी कई अनियमितताएं
ऋषि टाइम्स न्यूज
ऋषिकेश। आखिरकार सब रजिस्ट्रार कार्यालय तेज तर्रार जिलाधिकारी के रडार पर आ ही गया। औचक निरीक्षण में जिलाधिकारी को कार्यालय में जो कुछ दिखा उससे अब जिम्मेदार अधिकारियों पर एक्शन तय माना जा रहा है।
बुधवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। यहां जिलाधिकारी को जो, कुछ अनियमितताएं दिखे उससे वो हतप्रभ रह गए। कार्यालय में बाहरी व्यक्ति काम करते पकड़ा गया। निरीक्षण में काम काज के तौर तरीकों में गंभीर अनियमितताएं मिली।
सब रजिस्ट्रार के बगैर ही अवैधानिक रूप से लिपिक विलेखों का निबंधन किया जा रहा था। डीएम ने लिपिक को पूछा आपको सम्पति मूल्य आंकलन का कोई ज्ञान नहीं तो स्टाम्प शुल्क कैसे किया पास; बगले इस पर निबंधक लिपिक बगले झांकने लगी।
निरीक्षण में ये बात सामने आई कि औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंड के छोटे टुकड़े कर कई रजिस्ट्रीयां की गई हैं। इसमें करोड़ो की स्टाम्प चोरी की बात सामने आ रही है। इस दौरान फरियादियों ने जिलाधिकारी को आपबीती सुनाई। बताया कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में कैसे चक्कर कटवाए जा रहे हैं।
निरीक्षण में पाया गया कि कई महीनों लम्बित मूल अभिलेख आवेदकों को वापस नहीं किया गया। जबकि अधिकतम तीन दिन में इसे लौटना होता है। सैकड़ों मूल विलेख अलमारी में धूल फांकते पाए गए। मूल अभिलेख लौटाने; रजिस्ट्री की नकल देने में हजारो आमजन को कर रहे परेशान।
अर्जेंट रजिस्ट्री नकल अनुमन्य 24 घंटे के सापेक्ष महीनों/वर्षों से मिली लम्बित। निरीक्षण दौरान कार्यालय में बाहरी व्यक्ति काम करता मिला। इसके बारे में कार्यालय कोई जानकारी नहीं दे सका। नाराज डीएम ने कार्मिकों का रिकार्ड तलब करते हुए कार्यालय का कम्प्यूटर जब्त कराया। लम्बित मूल अभिलेख; कूटरचित विलेख तलब किए।

