राज्य सरकार के रहते स्वच्छता में पिछड़ गया मुनिकीरेती
ऋषि टाइम्स न्यूज
मुनिकीरेती। नगर निकायों के सीधे राज्य सरकार के नियंत्रण वाले कालखंड में मुनिकीरेती नगर पालिका स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ गया। मौजूदा नगर पालिका अध्यक्ष/ बोर्ड को बमुश्किल दो माह का समय मिला।
2024 में पूरा एक वर्ष राज्य के नगर निकाय राज्य सरकार के सीधे नियंत्रण में थे। चुनाव समय से न होने के चलते सरकार ने प्रशासक बिठा दिए थे। इसी दौरान नगरों की तमाम व्यवस्थाएं पटरी से उतर गई। नगर पालिका मुनिकीरेती में तो ऐसा साफ-साफ दिख रहा है।
यहां प्रशासक वाले कालखंड को लेकर हुए स्वच्छता सर्वे में नगर बुरी तरह से पिछड़ गया। 2018-23 तक लगातार पांच वर्षों से मुनिकीरेती नगर पालिका स्वच्छता के मोर्चे पर टॉप पर रही। मौजूदा नगर पालिका की अध्यक्ष नीलम बिजल्वाण और बोर्ड ने सात फरवरी 2025 को कार्यभार संभाला।
इसके साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण का काम भी शुरू हो गया। निर्वाचित बोर्ड को इसमंे मात्र दो माह का समय मिला। ऐसे में स्वच्छता के मोेर्चे पर नगा पालिका मुनिकीरेती के पिछड़ने के लिए मौजूदा बोर्ड दूर-दूर तक जिम्मेदार नहीं है।
अगले वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में जो रैंकिंग नगर को मिलेगी उसके लिए मौजूदा बोर्ड पर जिम्मेदारी बनेगी। इस वर्ष की स्वच्छता रैंकिंग के लिए राज्य सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है। राज्य सरकार निकायों का संचालन प्रशासकों के माध्यम से कर रही थी।
नगर पालिका मुनिकीरेती के ईओ से इस पर सवाल होने चाहिए कि आखिर स्वच्छता सर्वेक्षण में निकाय की रैंकिंग इतनी कैसे गिर गई। जिस ईओ बीपी भटट के कार्यकाल में मुनिकीरेती नगर पालिका ने स्वच्छता के मोर्चे पर अच्छा काम किया उन्होंने विकासनगर को स्वच्छता के मोर्चे पर अच्छी रैंकिंग के साथ खड़ा कर दिया।

