सरकारी स्कूलों के लिए वर्षभर एक समय के विरोध में शिक्षक
ऋषि टाइम्स न्यूज
देहरादून। राज्य के सरकारी विद्यालयों के लिए वर्षभर एक समय निर्धारित किए जाने का राज्य के जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने विरोध करते हुए विभाग से इस पर पुर्नविचार करने की मांग की है।
प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा एवं प्रदेश महामंत्री जगवीर खरोला ने यहां जारी बयान में कहा कि विभिन्न समाचार पत्रों एवं सोशलमीडिया के माध्यम से संगठन के संज्ञान में आया है कि राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद उत्तराखंड द्वारा पूरे वर्ष भर (गर्मी एवं जाड़ों) में उत्तरखण्ड के विद्यालयो का समय 8.50-3.15 बजे तक निर्धारित कर प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जा रहा है।
विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं विद्यालयो के छात्र छात्राओं के लिए गर्मियों एवं सर्दियों में विभाग द्वारा अनुकूल व्यवस्थाये सुनिश्चित किये बगैर विद्यालयों का समय 8.50 से 3.15 तक निर्धारित करता अव्यवहारिक है।
विद्यालयों का साल भर एक समय निर्धारित करने से पहले विद्यालयों के कक्षा कक्षों को गर्मी एवं जड़ों में अध्ययन करने के लिए उचित सुविधा मुहैया कराई जाए, वर्तमान में पूरे प्रदेश में विद्यालयों की भौतिक स्थिति बद से बद्तर बनी हुई है अर्थात बेहद खराब है।
पहाड़ी क्षेत्र के कई विद्यालयों में प्रातः 10.00 बजे तक घना कोहरा पाला, बर्फबारी से तापमान 15 डिग्री से 10 डिग्री तक नीचे रहता है जिससे छात्र-छात्राओं के लिए बैठक व्यवस्था से लेकर ठंड से बचने के लिए उचित सुविधा नहीं है साथ ही छोटे बच्चों का ठंड की वजह से विद्यालय पहुंचना मुश्किल हो जाता है जिससे विद्यालय की उपस्थिति एवं छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
मैदानी क्षेत्रों में अप्रैल से लेकर सितंबर तक दिन में 11रू00 बजे से 4रू00 बजे तक तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रहता है जिससे कमरों में लगे पंखों से गर्म हवा आती है गर्मी के चलते बच्चों को बेहोशी तथा चक्कर आने की समस्याएं लगातार बनी रहती हैं, सर्दियों में अत्यधिक कोहरे से 8रू50 तक विद्यालय पहुंचना मुश्किल होता है जिससे छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है ।
संगठन ने सुझाव प्रस्तुत करते हुए कहा कि गर्मियों में विद्यालय समय 7.30 से 1.30 तक। जाड़ों में विद्यालय समय 9रू15 से 3रू15 तक। संगठन ने मांग की है छात्र छात्राओं की सुरक्षा स्वास्थ्य एवं उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को मध्य नजर रखते हुए पूरे राज्य में विद्यालयों का समय उक्तानुसार निर्धारित करने का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जाय।

