शब्दों की भूल भुलैया में उलझा कर लोगों से छल कर रही सरकारः गोदियाल
ऋषि टाइम्स न्यूज
देहरादून। धामी सरकार के बजट सिर्फ आंकड़ों की कलाबाजी मात्र है। राज्य के लोगों को शब्दों की भूल भुलैया में उलझाकर उनके साथ सरकार छल कर रही है। बजट पूरी तरह से चुनावी बजट है।
ये कहना है कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का। गोदियाल मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कहा कि 1.11 लाख करोड़ का बजट मात्र आंकड़ों का भ्रम है। भाजपा सरकार बजट के आकार को उपलब्धि बता रही है, जबकि सच्चाई यह है कि बजट का बड़ा हिस्सा कर्ज लेकर बनाया गया है।
गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड का कर्ज 90 हजार करोड़ से ऊपर पहुंच चुका है। अगर कर्ज बढ़ता जाए और रोजगार के अवसर पैदा न होने तो बड़ा बजट नहीं, बड़ी आर्थिक चिंता कहलाता है। कहा कि बजट का आकार बड़ा दिखाना आसान है, लेकिन सवाल यह है कि आम आदमी की जेब में क्या गया?
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यह बजट “दिशाहीन और दृष्टिहीन” बजट है। यह बजट उत्तराखंड के युवाओं, किसानों और महिलाओं की वास्तविक समस्याओं को हल करने के बजाय सिर्फ घोषणाओं का पुलिंदा है। पिछले कई वर्षों की तरह इस बार भी सरकार ने बड़े-बड़े वादे किए हैं लेकिन ज़मीन पर परिणाम शून्य हैं।
राज्य सरकार का बजट बेरोज़गारी पर पूरी तरह मौन है। उत्तराखंड में बेरोज़गारी दर देश में सबसे अधिक राज्यों में गिनी जा रही है। लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। भर्ती परीक्षाएँ लगातार घोटालों में फँस रही हैं। बजट में रोज़गार सृजन की कोई ठोस योजना नहीं है।
गोदियाल ने कहा कि भर्ती घोटालों पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। यूकेएसएसएससी पेपर लीक और कई भर्ती घोटालों ने युवाओं का भविष्य बर्बाद किया। सरकार को चाहिए था कि वह बजट में पारदर्शी भर्ती तंत्र और युवाओं के लिए विशेष पैकेज लाती, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।
गोदियाल ने कहा कि पलायन रोकने की कोई नीति नहीं पहाड़ खाली हो रहे हैं। हजारों गांवों में घरों में ताले लगे हैं। लेकिन इस बजट में रोज़गार आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था पर कोई ठोस योजना नहीं दिखाई देती।
गोदियाल ने किसानों के लिहाज से भी बजट को निराशाजनक बताया।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का किसान महंगे बीज, खाद और प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है। लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर स्पष्ट नीति नहीं है। कृषि आधारित उद्योगों की कोई ठोस योजना नहीं यह बजट किसानों को राहत देने में असफल है।
राज्य की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर भी सरकार को घेरा।उन्होंने कहा कि कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे, महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन बजट में महिला सुरक्षा के लिए मजबूत ढांचा या विशेष योजना का अभाव है। राज्य का कर्ज़ बढ़ता जा रहा हैभाजपा सरकार के कार्यकाल में राज्य का कर्ज़ लगातार बढ़ा है। सरकार विकास के नाम पर कर्ज़ ले रही है लेकिन जनता को उसका लाभ नहीं मिल रहा।

