उत्तराखंड

कांग्रेस का पौड़ी और टिहरी के सांसदों पर क्षेत्र से नदारद रहने का आरोप

ऋषि टाइम्स न्यूज

देहरादून। पूरा गढ़वाल इन दिनों प्राकृतिक आपदा से दो-चार हो रहा है और पौड़ी के सांसद अनिल बलूनी और टिहरी की सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह क्षेत्र से नदारद हैं।

ये कहना है प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का। धस्माना मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी पर्वतीय जिलों में आपदा के कारण राष्ट्रीय राज मार्ग ऋषिकेश से गुप्तकाशी व ऋषिकेश से बद्रीनाथ तक सैकड़ों स्थानों पर भूस्खलन आया हुआ है और दर्जनों स्थानों पर घंटों से लेकर अनेक दिनों तक मार्ग बाधित रहे।

यही हाल कमोबेश यमुनोत्री धाम व गंगोत्री धाम को जाने वाले राष्ट्रीय राज मार्गों का है किन्तु गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी व टिहरी की महारानी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह परिदृश्य से गायब हैं। गढ़वाल की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

धस्माना ने कहा कि गढ़वाल के सांसद आखिरी बार गढ़वाल बरसात शुरू होने से पहले जून के पहले सप्ताह में आए थे और टिहरी की सांसद महारानी जी तो चुनाव के बाद यदा कदा ही दिखाई पड़ी। 10 जून से लेकर आज तक पूरे गढ़वाल में हजाओं संपर्क मार्ग ध्वस्त हुए राष्ट्रीय राज मार्गों पर भूस्खलन, चट्टान गिरने ,सड़क वाश आउट होने सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जाने की असंख्य घटनाएं घटी। किन्तु ना तो गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी और ना ही टिहरी सांसद महारानी विजय लक्ष्मी शाह जी कहीं जनता के बीच दिखाई दीं जो अत्यंत खेद का विषय है।

आरोप लगाया कि यह जन प्रतिनिधियों का जनता की समस्याओं के प्रति असंवेदनशीलता को दिखाता है। कहा कि चार धाम यात्रा में पांच हैली दुर्घटनाएं हो गई जिसमें तरह लोगों की जान चली गई। बाड़ीनाथ दर्शन करने आए यात्रियों के टेम्पो ट्रैवलर दुर्घटना में आठ से ज्यादा लोगों की मृत्यु और एक दर्जन लोगों के घायल होने की दर्दनाक घटना घटित हुई और इसके अलावा अनेक सड़क दुर्घटनाओं में लोगों ने अपनी जान गंवाई किन्तु हमारे गढ़वाल के दोनों सांसद इस से बेखबर केवल अखबारों को बयान जारी करने में व्यस्त रहे एक भी आपदा वाली जगह या मृतक परिवारों के बीच नहीं पहुंचे।

कांग्रेस नेता धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने लगातार तीन लोकसभा चुनावों में भाजपा को जो पांचों सीटें उपहार में दीं हैं यह उसका नतीजा है कि यहां के सांसद उत्तराखंड की जनता को अपना व अपनी पार्टी का बंधवा मजदूर समझने लगे हैं और उनके दिल दिमाग में यह बात घर कर गई है कि उनको काम सेवा और संघर्ष नहीं बल्कि मोदी के नाम पर वोट मिल रहा है इसलिए वे जनता की कोई परवाह ही नहीं करते। कहा कि सांसदों की इस बेरुखी के खिलाफ वे जनता को जागरूक करते रहेंगे।

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