ऋषिकेश

श्री बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर तीर्थ पुरोहितों ने उठाए सवाल, तीर्थतत्व को नष्ट करने का आरोप

ऋषि टाइम्स न्यूज

ऋषिकेश। आदिधाम श्री बदरीनाथ को भव्य और दिव्य बनाने के नाम पर हो रहे कार्यों पर तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारियों ने सवाल उठाए। कहा कि सरकार और प्रशासन उनके धैर्य की परीक्षा ले रहा है और आदिधाम के तीर्थतत्व को नष्ट कर रही है।

रविवार को तीर्थ पुरोहित एडवोकेट रमाबल्लभ भटट की पहल पर ऋषिकेश में जुटे तीर्थ पुरोहितों ने श्री बदरीनाथ धाम में सरकार के स्तर से मास्टर प्लान के नाम पर जो कुछ किया जा रहा है उस पर चिंता व्यक्त की। पूर्व सूचना आयुक्त एडवोकेट राजेंद्र कोटियाल ने पूरे मामले के कानूनी, इतिहास, धार्मिक और आर्थिक पक्षों को रखा।

कहा कि सरकार श्री बदरीनाथ धाम में तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारियों के साथ नाइंसाफी कर रही है। कहा कि आखिर लोग अपनी पीड़ा किसके सामने रखें। सरकार के सम्मुख दर्जनों बार पक्ष रखा जा चुका है। मगर, सरकार से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि ये सिर्फ बदरीनाथ की बात नहीं है, ये धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक मामला है। इससे तीर्थ पुरोहित ही प्रभावित नहीं हो रहे हैं बल्कि बड़ी आबादी प्रभावित हो रही है। आगे चलकर हरिद्वार से लेकर बदरीनाथ तक सबको दिखेगा।

कृष्ण कांत कोटियाल ने दो टूक कहा कि तीर्थ पुरोहितों का पक्ष सुने, समझे बगैर घर तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसका प्रतिकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। प्रहलाद धारा खूब चूका है। अब यदि मंदिर के आस-पास छेड़छाड़ होती है कि तत्पकुंड के स्रोत भी प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अब यदि कुछ छेड़छाड़ हुई तो इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। कहा कि बदरीनाथ मंे आंदोलन चल रहा है। देवप्रयाग और ऋषिकेश में भी आंदोलन चलाया जाएगा।

हरीश डिमरी ने कहा कि तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत के दबाव में देवस्थानम एक्ट को वापस लिया गया। मास्टर प्लान के समय ऐसा विरोध नहीं हुआ। परिणाम सबके सामने है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एकजुट होकर इस मुददे पर आगे बढ़ना होगा।

अनिल स्वामी ने कहा आदिधाम श्री बदरीनाथ के तीर्थ पुरोहितों का हर स्तर पर साथ देने की बात कही। खरे खरे अंदाज में कहा कि तीर्थ पुरोहितों को समझना होगा कि मौजूदा हालात क्या हैं। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के संस्थापक सदस्य दिनेश चंद्र मास्टर ने कहा कि श्री बरीनाथ धाम और वहां के तीर्थ पुरोहितों के संरक्षण के लिए मोर्चा हर समय तैयार है। अनिता कोटियाल, विनोद कोटियाल, घनश्याम नौटियाल, कुसुम जोशी, संदीप शास्त्री, विनोद कोटियाल, मनोज मलासी, अमित रैवानी, सुदीप पंचभैया आदि ने विचार रखे। बैठक की अध्यक्षता आशाराम व्यास ने की और संचालन एडवोकेट रमाबल्लभ भटट ने किया।

इस मौके पर मुकेश कोटियाल लक्की, मनोज भटट, संजय बडोला, अखिलेश कोटियाल, सुरेंद्र सिंह भंडारी, दिनेश टोडरिया, संजय भटट आदि मौजूद रहे।

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